नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान! 1 रुपये में 1 एकड़ जमीन
बिहार में अब सिर्फ 1 रुपये में 1 एकड़ जमीन मिलेगी। बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इस ऐलान के बाद न सिर्फ देशभर के उद्योगपतियों की नजरें बिहार पर टिक गई हैं, बल्कि आम लोगों के लिए भी बिजनेस शुरू करने के रास्ते आसान होते नजर आ रहे हैं। राज्य में उद्योग लगाने के लिए अब जमीन बड़ी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे निवेश को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सीएम नीतीश के इस फैसले को बिहार की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिहाज से गेमचेंजर माना जा रहा है।

प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से नीतीश सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और आकर्षक नीति लागू की है, जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। इस नीति के तहत बिहार में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को महज 1 रुपये की टोकन राशि पर 1 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क और भूमि संपरिवर्तन शुल्क में भी छूट दी जाएगी, ताकि निवेशकों पर वित्तीय बोझ कम हो और वे आसानी से बिहार में निवेश कर सकें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2026 को मंजूरी दी गई। नई नीति के अनुसार, किसी भी सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट की लागत के प्रत्येक 100 करोड़ रुपये पर 1 एकड़ जमीन 1 रुपये की टोकन राशि पर दी जाएगी। साथ ही पूंजीगत सब्सिडी का लाभ भी निवेशकों को मिलेगा, जिससे बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित करने का रास्ता खुलेगा।
उद्योग विभाग ने कैबिनेट को बताया कि सेमीकंडक्टर सेक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य, परिवहन, संचार, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे अहम क्षेत्रों में होता है। भारत का चिप बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसके 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।
नीतीश सरकार का लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत का टेक्नोलॉजी हब बनाना है। मुख्यमंत्री के सात निश्चय पार्ट-3 में भी इसका स्पष्ट संकल्प शामिल है। सरकार का मानना है कि इस नीति से राज्य में निवेश बढ़ेगा, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और बिहार की आर्थिक विकास गति को नई मजबूती मिलेगी।

Divya Singh